मानसून की वक्त से पहले दस्तक पहाड़ों पर कहर
बरपा रही है। उत्तराखंड और हिमाचल में भारी बारिश से सोमवार को हालात बेहद
बिगड़ गए। बाढ़ और बारिश से उत्तराखंड में 40, हिमाचल में 10 और यूपी के
सहारनपुर में 18 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि आशंका जताई जा रही है कि
मरने वालों की संख्या इससे ज्यादा हो सकती है।
चारधाम
यात्रा के विभिन्न पड़ावों और धामों में 68 हजार यात्री फंसे हुए हैं।
चारधाम के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा भी रोक दी गई है। उत्तरकाशी से लेकर
हरिद्वार और कुमाऊं तक की तमाम नदियां उफान पर हैं। सैकड़ों मकान-दुकान,
होटल व गाड़ियां उफनती नदियों की भेंट चढ़ गए हैं। हरिद्वार में गंगा खतरे
के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है। बेकाबू हालात से निपटने के लिए
उत्तराखंड सरकार ने सेना, आईटीबीपी की मदद मांगी है। सेना के 14 हेलीकॉप्टर
तैयार हैं।
यूपी में सरसावां और बरेली
को बेस बनाया गया है। देहरादून पहुंची राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ)
की टीम खराब मौसम के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही है। उत्तराखंड के
मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने स्वीकार किया कि स्थिति बदतर है। लोक
निर्माण विभाग के मुताबिक उत्तराखंड में 450 सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई
हैं।
मौसम केंद्र निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि मंगलवार शाम के बाद मौसम में कुछ हद तक सुधार की संभावना है।
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